त्रिंगासव सिरप क्या हैं? (Tringasav Syrup Kya Hain)
मित्रो आज के इस आर्टिकल में, मैं आपको बताऊंगा त्रिंगासव सिरप के बारे में, माहेश्वरी फार्मेसी के द्वारा बनाई गई यह दवा आपको किन-किन रोगो में फायदा पहुँचाती है। क्या इसके मुख्य घटक है? कितनी मात्रा में और कितनी बार आपको इसका सेवन करना चाहिए। क्या साइड इफेक्ट है। सेवन करते समय क्या सावधानियां रखनी है। यह सब कुछ विस्तार में आप इस आर्टिकल में जानेंगे।
तो सबसे पहले बात करते है इसकी क्वांटिटी की, तो इस त्रिंगसवा सिरप के अंदर 450ml दवाई भरी गई है। बोतल पर Mpil कंपनी का नाम लिखा रहता है। बाजार में यह Mpil Tringasav 450ml के नाम से बिकती है। साथ ही इस पर इंडीकेट किया गया है कि, यह भूख बर्धक है, बलवर्धक है, रक्तवर्धक है और शरीर को एनर्जी देती है।
त्रिंगासव सिरप के मुख्य घटक (Tringasav Syrup Ingredients)
पहले हम समझते हैं कि इसका कंपोजीशन क्या है ? तो त्रिंगासव सिरप का कंपोजिशन काफी रोचक है। इसके अंदर में जो मुख्य घटक मिलाया जाता है – वह है खजूर और खजूर के सिवाय इसके अंदर महुआ मिलाया जाता है, साथ ही इसमें एलोवेरा मिलाया जाता है, अंगूर मिलाया गया है साथ ही भृंगराज, रोहितक, बहेड़ा आदि ऐसे लगभग 15 तरह के घटक है
और उन सब के अलावा इसके अंदर ढाई के फूल मिलाये गए हैं, सूंठी मिलाई जाती है, कुछ भस्में मिलाई गई है, जैसे कि लोह भस्म इसके अंदर मिलाई जाती है और थोड़ा सा प्रेज़रवेटिव इसके अंदर रहता है तब जा करके यह दवा तैयार होती है|
त्रिंगासव सिरप के फायदे और उपयोग (Tringasava Syrup Uses And Benefits In Hindi)
अब बात करते हैं, इसके फायदे के बारे में, तो इसका जो कम्पोजीशन है। उसके आधार पर हम यह कह सकते है। कि इसके अंदर खजूर, अंगूर, महुआ आदि मिलाये गए हैं। यह सब जो इंग्रेडिएंट हैं, यह शरीर को एनर्जी देने का काम करते हैं। यह बहुत अच्छी क्वांटिटी में एनर्जेटिक एलिमेंट बॉडी को देते हैं। चूँकि इन से बॉडी को ग्लूकोस बहुत ज्यादा प्राप्त होता है। साथ ही खजूर आयरन कॉन्टेंट से भी काफी ज्यादा भरपूर होता है, जो बॉडी में हिमोग्लोबिन की कमी को भी दूर करता है।
यह दवा शरीर में धातुओं को पोषण देने वाली होती है अर्थात हमारे शरीर में सात धातु होते है – रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र उनको यह पुष्ट करती है। चूँकि इसका सेवन करने से शरीर में सभी अच्छे रस धातु का निर्माण होता है, जिसके कारण ब्लड भी अच्छा बनता है। और ब्लड ही पुरे शरीर को पोषण पहुँचाता है तथा जब ब्लड में काफी अच्छी मात्रा में ग्लूकोस और एनर्जी होगी, तो पूरी बॉडी को एनर्जी मिलेगी। इस प्रकार इस कॉन्सेप्ट को आप आसानी से समझ सकते है|
इन सब के अलावा यह दवा फ़र्मन्टेशन करके बनाई जाती है, इसलिए यह पाचन विकार को भी ठीक करती है। किसी भी तरह का पाचन विकार हो, चाहे आपको गैस की समस्या हो, एसिडिटी की समस्या हो, बदहज़मी की समस्या हो, उन सब स्थिति में यह आपको फायदा करती है | इसके सिवाय यह दवा एक हिपेटो फ्रेंडली दवा के तोर पर कार्य करती है, जो लिवर को मजबूती देती है। फैटी लीवर की परेशानी में भी आप इसका सेवन कर सकते हैं। आंतो को भी ठीक करने में यह सहयोग करती है। आंतो की समस्या में भी आप इसका उपयोग कर सकते हैं। जिन लोगों को इंटेस्टाइन में टेराइनेस की समस्या हो थोड़ी सी कब्ज़ उनको बनी रहती हो, तो ऐसे लोग इसका सेवन कर सकते हैं। यह आपके पूरे पाचन तंत्र को ठीक करती है, और कब्ज़ को भी ठीक करती है।
बात करें इस दवा के कुछ और फायदों के बारे में तो, यह दवा एक सामान्य वीकनेस को दूर करती है। उसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनको बहुत मेहनत वाला कार्य करना पड़ता है, शारीरिक क्रिया उनकी ज्यादा हो जाती है। तो ऐसे व्यक्ति भी इसका सेवन कर सकते हैं| इन सब बातों के ऊपर इसका नियमित उपयोग करने से त्वचा की हेल्थ भी अच्छी बनी रहती है और बालो को भी यह मजबूत बनाती है। अतः यह एक ऐसा हेल्थ टॉनिक है जो पूरी बॉडी के लिए कुछ न कुछ सकारात्मक गुण रखता है। पूरी बॉडी पर यह कुछ ना कुछ अच्छा प्रभाव देता है। अंगों को मजबूत बनाने का काम करता है।
त्रिंगासव सिरप की सेवन विधि (Tringasav Syrup Ki Sevan Vidhi)
अब बात करते है इसका सेवन किसको करना चाहिए और किसको नहीं करना चाहिए। तो दोस्तों किसी भी एज ग्रुप में आप इसका सेवन कर सकते है। जो 1 साल से छोटे बच्चे हैं, उनको यह दवा केवल कुछ बूंदो की मात्रा में पिलाई जानी चाहिए। 6 महीने से 1 साल तक के बच्चों को एक समय में लगभग 10 बून्द या 15 बून्द की मात्रा में इस दवा का सेवन करना चाहिए। 1 साल से 5 साल तक के आयु के बच्चों को यह दवा लगभग 2 ml या 3 ml की मात्रा में देनी चाहिए। 5 साल से अधिक आयु के बच्चों को यह दवा 5 ml की मात्रा में देनी चाहिए। बोतल के ऊपर जो ढक्कन लगा होता है वह 5 ml का रहता है। इस वजह से आप लोगों ने देखा होगा की 5 साल से जो अधिक आयु का बच्चा है उसको 1ढक्कन दवाई देते है, जो 12 – 14 साल से अधिक आयु के बच्चे हैं उनको लगभग 1 ढक्कन से ले करके डेड ढक्कन दवाई देनी चाहिए है और जो एडल्ट व्यक्ति हैं उनको 2 से लेकर 3 ढक्कन दवाई एक समय में सेवन करनी चाहिए है।
यहां पर एक बात आपको विशेष रूप से ध्यान रखनी है, कि इस दवा को आपको पानी मिलाकर ही सेवन करना है क्योंकि इसके अंदर 9% तक ऐल्कोहॉल होती है, इसलिए पानी मिलाना बहुत ज्यादा जरूरी रहता है। बुजुर्ग लोग भी इसका सेवन कर सकते है। गर्भवती महिलाएं भी इसका सेवन कर सकती है। यह गर्भावस्था के लिए सुरक्षित औषधि मानी जाती है।
बात करें की दिन में कितनी बार आपको इसका सेवन करना है, तो दिन में दो बार इसका सेवन करना पर्याप्त रहता है | खाना खाने के लगभग 15 मिनट बाद आपको इसका सेवन करना चाहिए । अगर छोटे बच्चे जो कि दूध पीते हैं, तो दूध पीने के तुरंत बाद इसका सेवन न कराएं, दूध पीने के बाद में लगभग आधा घंटे बाद यह दवा उसको ड्रॉपर की सहायता से पिलानी चाहिए। ड्रॉपर से भी डायरेक्ट नहीं पिलाना है वहां पर भी पानी मिक्स करने वाला मानदंड है वो आपको फॉलो करना है। एक चम्मच में 10 – 15 बून्द दवाई और लगभग 10 – 15 बून्द पानी मिलाकर के उसको आपको ड्रॉपर की मदद से पिलानी चाहिए |
त्रिंगासव सिरप के साइड इफेक्ट्स (Tringasav Syrup Side Effects In Hindi)
अब जानते है इस दवा के कुछ साइड इफेक्ट के बारे में, तो इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। विशेष रूप आपको इस बात का ध्यान रखना है चूकि इसके अंदर खजूर है, अंगूर है मीठी चीजे मिलायी गयी है तो यह शुगर को बड़ा सकता है, तो डायबिटीज के रोगी इसका सेवन ना करें।
त्रिंगासव सिरप कीमत (Tringasav Syrup Price)
बात करें इसकी उपलब्धता और इसकी प्राइस के बारे में, तो आपके आस-पास किसी प्रमुख मेडिकल स्टोर से या आयुर्वेदिक दवाइओ की दुकान से बहुत आसानी के साथ आपको यह दवा मिल जाएगी। अब बात करें इसकी प्राइस के बारे में, तो यह ₹150 की कीमत में मार्किट में उपलब्ध है। पैकिंग की डेट से 3 साल तक यह दवा खराब नहीं होती है। वैसे तो आसव वर्ग की दवा है। आयुर्वेद दवाएं तो काफी लंबे समय तक भी खराब नहीं होती है, लेकिन 3 साल इसका एक्सपायरी डेट का सेडुल लिखा गया होता है। अगर आपको यह आपके आसपास नहीं मिल रही है, तो आप इसको ऑनलाइन खरीद सकते हैं।
और अगर मेडिकल स्टोर पर Mpil का त्रिंगासव उपलब्ध नहीं है। तो आप बैद्यनाथ का त्रिगुणासव (Baidyanath Trigunasava Syrup) या डाबर का त्रिगुणासव (Dabur Trigunasava) या दीनदयाल त्रिगुणासव (Dindayal Trigunasava) सिरप भी ले सकते हैं। तीनों दवा एक ही विधि से निर्माण की गयी है और तीनों का शरीर में एक सामान लाभ होता है। आपको मेडिकल स्टोर पर इनमे से जो भी मिले जाये उसको आप ले सकते है।
⇨ आगे पड़े : त्रिगुणासव के फायदे इन हिंदी
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लेखक S K Gautam आयुर्वेद एवं योग आचार्य 26 वर्षों का अनुभव View Profile |





